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Non Muslim views about Rasool ﷺ

 

Hadith Musnad Ahmed 18530

 

Dua khushal Rehne ki

 

Madine ki moti 77

 

हिजरत का दूसरा साल part 3

  अबुल बख्तरी का कत्ल हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने जंग शुरु होने से पहले ही फरमा दिया था कि कुछ लोग कुफ्फार के लश्कर में ऐसे भी हैं। जिनको कुफ्फारे मक्का दबाव में डाल कर लाए हैं। ऐसे लोगों को कत्ल नहीं करना चाहिए। इन लोगों के नाम भी हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने बता दिए थे। उन्ही लोगों में से अबुल बख्तरी भी था जो अपनी खुशी से मुसलमानों से लड़ने के लिए नहीं आया था। बल्कि कुफ्फारे कुरैश इस पर दबाव डाल कर जबरदस्ती कर के लाए थे। जैन जंग की हालत में हज़रते मुजज़िर बिन ज़ियाद रदियल्लाहु अन्हु की नज़र अबुल बख़्तरी पर पड़ी जो अपने एक गहरे दोस्त जुनादह बिन मलीहा के साथ घोड़े पर सवार था हज़रते मुजजिर रदियल्लाहु अन्हु ने फ़रमाया कि ऐ अबुल बख़्तरी! चूँकि हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हम लोगों को तेरे कत्ल से मनअ फ़रमाया है इस लिए मैं तुझ को छोड़ देता हूँ। अबुल बख्तरी ने कहा कि मेरे साथै जुनादह के बारे में तुम क्या कहते हो? तो हज़रते मुजज़िर रदियल्लाहु अन्हु ने साफ़ साफ़ कह दिया कि इस को हम जिन्दा नहीं छोड़ सकते। ये सुनकर अबुल बख़्तरी तैश में आ गया। और कहा कि मैं अरब की...

आदाब महफ़िले मिलाद शरीफ़

  जगह पाक हो पैसा हलाल कमाई का सर्फ़ किया जाए खुशबू नुजूरात अतरयात और फूल वगैरह जिस क़दर मुमकिन हो बेहतर है, नमूद रियाको बिल्कुल दखल न होमिमबर या चौकी ऊँची हो उसपर मसनद या कोई कपड़ा पाक हो आराइश जेबो जीनत का इज़हार मुसर्रत के वास्ते जितनी बन पड़े एहतिमाम करे, गुरबा व मसाकीन वगैरह के वास्ते मुयस्सर हो तो खाने का भी इन्तेजाम करें फातिहा के वास्ते मुसलमान हलवाई के यहां की बनी हुई शीरीनी हो और रोशनी के वास्ते मोमबत्ती होतो अच्छा है क्योंकि मिट्टी के तेल वगैरह की बदबू से भी यह मजलिसे मुबारक पाक होनी चाहिये सामईन व हाज़रीन पाक व साफ़ बा वुजू हों और अदबसे बैठे मिलाद शरीफ़ के पढ़ने वाले मुत्तबे शरीअत हों, दुरूद ख्वानी की बार-बार ताकीद हो। फ़ज़ाइल मिलाद शरीफ़ ज़िक्र सालेहीनके वक्त अल्लाह तआला की रहमत का नुजूल होता है, चे जाएकि तमाम सालेहीन और मुरसलीन के पेशवा हज़रत अहमद मुजतबा मुहम्मद मुस्तफा सल्ल० का ज़िकरे खैर हो और उस पर यह भी खूबी कि दुरूद.शरीफ़ की सदायें बुलंद हों वहां के हाज़रीन पर क्यों न रहमत का नुजूल होसामईन को क्यों न नक़द मुददुआ वसूल हो मनकूत है कि जिस मकान में यह महफ़िले मुबारक ...

11 Rabi ul Awwal Yaum e Wildat Imam Ali Raza AlaihisSalam

 

मिलादुन्नबी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम

  मिलादुन्नबी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ❁ ❁ अल्लाह के प्यारो की विलादत का तजकिरा रब्बुल इज़्ज़त की अपनी सुन्नत है ! अल्लाह तआला ने कुरआने करीम में बार बार हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की तख़लीक़ का ज़िक्र फ़रमाया ! और इसकी . तफ़सीलात बयान की। जन्नत में उनका क़याम व तआम और जमीन पर हुबूत के वाकेआत बयान फरमाए ! हज़रत इस्हाक़ अलैहिस्सलाम और हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की विलादत और बच्पन के हालात बयान फ़रमाए ! फिर हज़रत मरियम अलैहस्सलाम की विलादत और उनके बच्पन का हाल बयान फरमाया ! हज़रत यहया अलैहिस्सलाम की विलादत और उनके बचपन के हाल का जिक्र फ़रमाया और नफखे रूह के जरिए हज़रत मरियम अलैहिस्सलाम के हमल से लेकर हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की विलादत तक का पूरा वाकिया बयान किया । जश्ने ईद मिलादुन्नबी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम वक़्ते विलादत हज़रत मरियम अलैहिस्सलाम को उस वक्त कूदरते इलाहिया से जो खुराक खजूरें और ” पानी मुहय्या किया गया उसका बयान किया हत्ता कि उनकी कौम के ताअने आपकी खामोशी और इशारे से जवाब ! अल गर्ज हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम का बोलना और आप का इब्तिदाई कलाम जो आपने गहवारे में किया ! सब कुछ बयान फ़रमाया ! अगर अल्लाह तआला चाह...